लखनऊ। 3 जून ईद ग़दीर के जश्न की तैयारियों को लेकर आयतुल्लाह सैयद सादिक हुसैनी शिराजी के कार्यालय पर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ से हुई, जिसके बाद मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने ईद ग़दीर की बधाई देते हुए लोगों से कहा कि अभी से ईदे गदीर की तैयारियों में जुट जाएं। क्यों कि ईद ग़दीर का दिन अल्लाह और मोहम्मद (स) के परिवार की सबसे बड़ी ईद है। पैगंबर (स) ने इस दिन ईद मनाई और हर नबी इस दिन की अहमियत का कायल रहा है। इसलिए लोगों को ईदे ग़दीर के दिन जश्न मनाना चाहिए क्योंकि ईदे ग़दीर का बहुत महत्व है।
क़यामत के दिन, चार दिनों को दुल्हन की तरह अल्लाह के यहां पेश किया जाएगा। ईदे फित्र, ईदे कुरबान, जुमा, और ‘‘ईदे ग़दीर’’। ग़दीर का दिन ईदे फित्र, ईदे कुरबान और जुमा के बीच चांद जैसा होगा।
उन्होंने कहा कि ईदे ग़दीर के दिन लोगों को गुस्ल करना, दो रकाआत नमाज़ पढना, रोज़ा रखना, दुआए नुदबा पढ़ना, नए कपड़े पहन्ना, इत्र लगाना, मुस्कुराते हुए लोगों से मिलना चाहिए। इस दिन का रोज़ा 60 वर्ष के गुनाहों का कफफारा है। मौलाना ने अपील की कि वे अन्य समुदाय के लोगों को भी ईद ग़दीर से परिचित कराएं और यह स्पष्ट करें कि ईद ग़दीर के दिन अमीरुल मोमिनीन हजरत अली (अ.स.) की विलायत की घोषणा के बाद इस्लाम धर्म पूरा हो गया। चूंकि ईद ग़दीर जो सबसे बड़ी ईद है। इस दिन पैगंबर (स.) ने हाजियों को रोक दिया और हजरत अली (अ.स.) की विलायत की खुशखबरी दी। इसलिए हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे 5 से 11 जून तक ईद ग़दीर मनाएं और पूरे सप्ताह के लिए विलायत में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करें।
इसी क्रम में 4जून से 10जून तक रोजाना इमाम बाड़े जन्नत मॉब सैय्यद तकी साहब अकबरी गेट लखनऊ में रात 9 बजे से 10 बजे तक हफ्ते विलायत का आयोजन होगा

