पुराने लखनऊ में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को लेकर एलडीए पर उठे रहे सवाल-

पुराने लखनऊ में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण एलडीए पर उठे सवाल

लखनऊ.। अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी और अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त को तलब करते हुए फायर सेफ्टी नियमों और अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि नियमों के पालन में लापरवाही मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। कोर्ट सख्ती के बीच राजधानी के पूराने लखनऊ में भी अवैध निर्माण को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के संबंधित अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में बनने वाले अवैध निर्माणों की पूरी जानकारी रहती है, इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती। स्थानीय लोगों के अनुसार पुराने लखनऊ के चौक, सआदतगंज, बाजारखाला और टूरियागंज जैसे क्षेत्रों में वर्षों से अवैध व्यावसायिक काम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण होता रहा है। उनका दावा है कि कई स्थानों पर आज भी निर्माण कार्य जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियमों का पालन कराया जाता है तो कई गंभीर हादसों को रोका जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अलीगंज अग्निकांड को गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा का मामला मानने के बाद अब राजधानी में अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। माना जा रहा है कि अदालत की सख्ती के बाद एलडीए, नगर निगम और फायर विभाग को अवैध निर्माणों तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर व्यापक कार्रवाई करनी पड़ सकती है।