69000 शिक्षक भर्ती: न्याय की मांग को लेकर लखनऊ में अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन

लखनऊ, संवाददाता। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। ‘योगी बाबा न्याय करो, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो’ और ‘न्याय नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो’ जैसे नारों के बीच अभ्यर्थियों ने राजधानी में जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी दो हिस्सों में बंट गए। एक समूह ने Charbagh Railway Station के पास भीख मांगकर विरोध जताया, जबकि दूसरे समूह ने Vidhan Bhavan Lucknow का घेराव करने की कोशिश की।
⚖️ भर्ती में गड़बड़ी और न्याय में देरी का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही Supreme Court of India में सरकार की ओर से कमजोर पैरवी के चलते उन्हें वर्षों से नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि अब तक 30 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं, लेकिन ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
👮 पुलिस से झड़प, कई अभ्यर्थी हिरासत में
विधान भवन के पास प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर Eco Garden Lucknow भेज दिया।
महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई, चूड़ियां तोड़ी गईं और कपड़े तक फाड़े गए। पुलिस ने हालांकि महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
💬 “भीख मांगकर घर जाने का इंतजाम”
देवरिया से आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि उन्होंने भीख मांगकर यात्रा के लिए पैसे जुटाए थे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान वह रकम भी उनसे छिन गई। वहीं रायबरेली के एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार के तमाम जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
🔎 पांच साल से जारी संघर्ष
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे राज्य पिछड़ा आयोग, राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग और हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद नियुक्ति से वंचित हैं। उनका आरोप है कि आरक्षण से जुड़े मुद्दों के बावजूद सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें न्याय और नियुक्ति नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।