लखनऊ, संवाददाता। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। Akhilesh Yadav ने मंगलवार को कई अहम कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर चुनावी माहौल को नई दिशा दे दी है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो प्रदेश के उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को प्रति वर्ष 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
यादव के मुताबिक यह सहायता संशोधित समाजवादी पेंशन योजना के माध्यम से दी जाएगी, जिसे पहले की योजनाओं की तुलना में अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम परिवारों को आर्थिक राहत देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस दौरान Samajwadi Party प्रमुख ने Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बिजली संकट और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे आम जनता के लिए परेशानी का कारण बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा खास तौर पर महिलाओं और निम्न आय वर्ग के मतदाताओं को ध्यान में रखकर की गई है, जो हाल के चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं।
हालांकि, इन वादों के साथ ही एक बार फिर मुफ्त योजनाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां समर्थक इसे जनहित में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों ने इन योजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह पहल समाजवादी पार्टी द्वारा पिछले चुनावों में हुई हार के बाद अपनी खोई जमीन वापस पाने और महिला मतदाताओं के बीच पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। 2027 के चुनाव में अभी समय है, लेकिन इस तरह के ऐलानों ने प्रदेश की सियासत को अभी से गरमा दिया है।
यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा का बड़ा दांव-महिलाओं को प्रति वर्ष 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
