ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, इस्लामाबाद वार्ता पर संकट के बादल

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, इस्लामाबाद वार्ता पर संकट के बादल

धमकियों के बीच बातचीत से ईरान का इंकार, ट्रंप के बयान से बढ़ी अनिश्चितता
📍 लखनऊ/इस्लामाबाद, संवाददाता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार की धमकी के माहौल में बातचीत नहीं करेगा।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि बमबारी भी की जा सकती है।
🏛️ ईरान का कड़ा संदेश
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गलीबाफ ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सीजफायर का उल्लंघन कर बातचीत को दबाव में बदलना चाहता है।
उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी हालत में “आत्मसमर्पण की मेज” पर नहीं बैठेगा और पिछले दो हफ्तों में उसने युद्ध के मैदान में अपनी रणनीति को मजबूत कर लिया है।
🗣️ विदेश मंत्रालय का बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी नई वार्ता की योजना नहीं है।
उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह सीजफायर का उल्लंघन कर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ठोस ढांचे के कोई भी नई बातचीत संभव नहीं होगी।
👉 ईरान ने दो टूक कहा कि यूरेनियम संवर्धन और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
⚓ समुद्री तनाव भी बढ़ा
ईरान ने ओमान सागर में अपने एक व्यापारिक जहाज पर अमेरिकी हमले का आरोप लगाया है। इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री समझौतों का उल्लंघन बताते हुए ईरान ने कहा कि उसकी जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिकी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा।
🌍 वार्ता पर असमंजस
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान दूसरे दौर की बातचीत के लिए इच्छुक हो सकता है, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान को इस्लामाबाद वार्ता में शामिल होना चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि दो हफ्ते का सीजफायर आगे बढ़ने की संभावना कम है।
📊 निष्कर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने न केवल प्रस्तावित वार्ता को अनिश्चित बना दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका भी बढ़ा दी है।