इस्लामाबाद, 10 अप्रैल। मध्य पूर्व में जारी नाज़ुक संघर्ष-विराम के बीच 11 अप्रैल से प्रस्तावित अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। शहर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं और संवेदनशील इलाकों को सील कर दिया गया है।
राजधानी का सबसे अहम ‘रेड ज़ोन’ पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जहां संसद, प्रमुख सरकारी इमारतें, दूतावास, बड़े होटल और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय स्थित हैं। इस क्षेत्र में आम लोगों और वाहनों की आवाजाही पर सख्त रोक लगा दी गई है।
कड़ी निगरानी और चेकिंग
पूरे शहर में सशस्त्र पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार गश्त कर रही हैं। कई स्थानों पर अस्थायी चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां वाहनों और लोगों की सघन जांच की जा रही है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है।
दो दिन की छुट्टी, जनजीवन प्रभावित
सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने गुरुवार और शुक्रवार को राजधानी में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। अधिकांश स्कूल, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं, जिससे शहर में सामान्य गतिविधियां सीमित हो गई हैं।
सीज़फायर के बाद पहली बड़ी पहल
यह वार्ता अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष-विराम के बाद हो रही है। यह अस्थायी शांति हालिया तनावपूर्ण हालात के बाद संभव हो सकी, जिसमें पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका अहम रही है। इस बैठक को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडलों की स्थिति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल अभी तक इस्लामाबाद के लिए रवाना नहीं हुआ है, जिसकी वजह लेबनान में जारी इज़राइली हमले बताए जा रहे हैं। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ हंगरी से रवाना हो चुके हैं।
सुरक्षा का पुख्ता भरोसा
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत को भरोसा दिलाया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। इसके तहत 30 सदस्यीय अमेरिकी अग्रिम टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर चुकी है।
इस उच्चस्तरीय वार्ता पर वैश्विक नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके परिणाम मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की दिशा तय कर सकते हैं।
इस्लामाबाद किले में तब्दील, अमेरिका–ईरान वार्ता से पहले हाई अलर्ट
