लखनऊ में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, मनमानी पर लगेगा अंकुश
लखनऊ, 10 अप्रैल। निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार रात जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें फीस वृद्धि, शिकायतों के निस्तारण और नियमों के पालन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब जिले के किसी भी निजी विद्यालय को बिना निर्धारित प्रक्रिया के फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। फीस से संबंधित सभी प्रस्तावों की गहन जांच की जाएगी और नियमों के अनुरूप पाए जाने पर ही मंजूरी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों को राहत देते हुए शिकायत व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों को फीस, यूनिफॉर्म और किताबों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के लिए कहा गया।
यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी विशाख जी. ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में लगातार पांच शैक्षणिक वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जहां NCERT पाठ्यक्रम लागू है, वहां केवल NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किताबों के प्रकाशक बदलने पर भी रोक रहेगी।
नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में विद्यालय की मान्यता या NOC भी निरस्त की जा सकती है।
अभिभावकों के लिए शिकायत का सीधा रास्ता
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया है। अभिभावक स्कूल फीस या अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
फीस विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य
सभी विद्यालयों को अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर फीस का पूरा विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होगा और निर्धारित फीस से अधिक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।
निगरानी के लिए संयुक्त टीम
जनपद स्तर पर नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपजिलाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों की जांच कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
प्रशासन के इस फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगने की संभावना जताई जा रही है।
लखनऊ में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, मनमानी पर लगेगा अंकुश
