लखनऊ 8 अप्रैल । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की है। इस सीजफायर पर ईरान ने भी सहमति जताई है। जिसके बाद ईरान की जीत को लेकर हर तरफ खुशियां मनाई जा रही है। हालांकि इजराइल जंगबंदी को ले के खिसिया गया है और अपला ब्यान देते हुए कहा की यह सीजफायर लेबनान के लिये लागू नही होगा । ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (ैछैब्) ने इसकी घोषणा करते हुए इसे इस्लामिक राष्ट्र की बड़ी जीत बताया है। बुधवार सुबह को इसकी घोषणा तब की गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरानी सभ्यता को खत्म करने की अपनी धमकी अभी टाल रहे हैं। ऐसा लग रहा है नेतन्याहू इस सीजफायर को तोड़ने की कोशीश करेगा क्योंकी यह लड़ाई इजराइल की थी उसकी अकेले लड़ने की हिम्मत ईरान से नही थी जिसके लिए उसने अमेरिका को मोहरा बना के इस्तेमाल किया क्योंकी ऐसा कहा जा रहा है डोनाल्ड ट्रंप बिन्यामिन नेतन्याहू के दबाव मे रहते है । लेकिन इस जंग मे इजराइल का तो नुकसान हुआ है लेकिन उससे जयदा अमेरिका का नुकसान हुआ है। जानकारो का कहना है की अभी जंग बंदी को लेके इतना खुश होने की जरूरत नही हैं जबतक बातचीत फाइनल होके कानूनी लिखापड़ी से न हो जाय अभी बिन्यामिन नेतन्याहू की काेिशश यही रहंगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व ईरान का किया हुआ सीजफायर किसी तरह से टूट जाय। ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद लखनऊ में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है जिसके चलते मौलाना यासूब अब्बास व मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी जंग रूकने की मुबारक बाद दी।
युद्धविराम की घोषणा के बाद लखनऊ में भी खुशी का महोल- मौलाना यासूब अब्बास व मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने दी मुबारक बाद-
लखनऊ 8 अप्रैल । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की है। इस सीजफायर पर ईरान ने भी सहमति जताई है। जिसके बाद ईरान की जीत को लेकर हर तरफ खुशियां मनाई जा रही है। हालांकि इजराइल जंगबंदी को ले के खिसिया गया है और अपला ब्यान देते हुए कहा की यह सीजफायर लेबनान के लिये लागू नही होगा । ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (ैछैब्) ने इसकी घोषणा करते हुए इसे इस्लामिक राष्ट्र की बड़ी जीत बताया है। बुधवार सुबह को इसकी घोषणा तब की गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरानी सभ्यता को खत्म करने की अपनी धमकी अभी टाल रहे हैं। ऐसा लग रहा है नेतन्याहू इस सीजफायर को तोड़ने की कोशीश करेगा क्योंकी यह लड़ाई इजराइल की थी उसकी अकेले लड़ने की हिम्मत ईरान से नही थी जिसके लिए उसने अमेरिका को मोहरा बना के इस्तेमाल किया क्योंकी ऐसा कहा जा रहा है डोनाल्ड ट्रंप बिन्यामिन नेतन्याहू के दबाव मे रहते है । लेकिन इस जंग मे इजराइल का तो नुकसान हुआ है लेकिन उससे जयदा अमेरिका का नुकसान हुआ है। जानकारो का कहना है की अभी जंग बंदी को लेके इतना खुश होने की जरूरत नही हैं जबतक बातचीत फाइनल होके कानूनी लिखापड़ी से न हो जाय अभी बिन्यामिन नेतन्याहू की काेिशश यही रहंगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व ईरान का किया हुआ सीजफायर किसी तरह से टूट जाय। ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद लखनऊ में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है जिसके चलते मौलाना यासूब अब्बास व मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी जंग रूकने की मुबारक बाद दी।

