विद्युत उत्पादन क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि, उद्योग व विकास को मिलेगा बल अत्याधुनिक तकनीक व पर्यावरणीय मानकों के साथ आगे बढ़ रहा प्रदेश. ऊर्जा मंत्री

(सत्ता की शान)
मंगलवार लखनऊ 04 अप्रैल 2026 नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 का सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइजेशन पूर्ण हो गया है। यह उपलब्धि प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (छन्च्च्स्) द्वारा संचालित की जा रही है, जो एनएलसी इंडिया लिमिटेड (51ः) एवं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (49ः) का संयुक्त उपक्रम है। यूनिट-3 का सिंक्रोनाइजेशन 765 केवी ग्रिड से सफलतापूर्वक किया गया, जो परियोजना के वाणिज्यिक संचालन (ब्व्क्) की दिशा में एक अहम और सराहनीय उपलब्धि है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने के पश्चात प्रतिदिन लगभग 47.52 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे प्रदेश की निरंतर बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा तथा आमजन को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। परियोजना की तीसरी इकाई के जुड़ने से प्रदेश की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 13,388 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि यूनिट-1 एवं यूनिट-2 पहले ही क्रमशः दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 से सफलतापूर्वक संचालन में हैं, जो इस परियोजना की निरंतर प्रगति को दर्शाता है।भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित आवंटन के अनुसार, इस परियोजना से उत्पादित लगभग 93.11ः बिजली उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी, जबकि शेष बिजली अन्य राज्यों को आपूर्ति की जाएगी। इससे न केवल प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि अंतर्राज्यीय ऊर्जा संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।परियोजना के लिए दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु झारखंड स्थित पचवारा साउथ कोल ब्लाक का विकास भी तीव्र गति से प्रगति पर है, ।