(सत्ता की शान)
,लखनऊ,मंगलवार 10 जून। । रामकथा मंच से सीएम योगी की हुंकार, बोले- लव जिहाद धार्मिक जनसांख्यिकी बदलने की साजिश अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित रामकथा कार्यक्रम के दौरान लव जिहाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे धार्मिक जनसांख्यिकी बदलने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया था। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 और 2011 में ही लव जिहाद को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे मामलों के प्रति सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जिनके भीतर भारत के संस्कार और भारत का डीएनए है, उनके आदर्श केवल भगवान श्रीराम ही हो सकते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत उन लोगों के लिए धर्मशाला नहीं हो सकता, जिनकी देश के प्रति आस्था, निष्ठा और सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के मूल्यों, परंपराओं और संस्कृति का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत की भूमि आश्रय स्थल नहीं बन सकती।
रामायण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण द्वारा माता सीता के अपहरण के बाद भगवान श्रीराम ने उनकी गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष किया तथा उत्तर और दक्षिण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा का यह संदेश आज भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भगवान श्रीराम को अपने जीवन का आदर्श बनाते हैं, उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उनके संबोधन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रामकथा मंच से सीएम योगी की हुंकार, बोले- लव जिहाद धार्मिक जनसांख्यिकी बदलने की साजिश..2020 में लव जिहाद की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बनाया था कड़ा कानून
