जनगणना में पूरी गंभीरता से हिस्सा लेंः मौलाना खालिद रशीद- धर्म और भाषा की जानकारी सही-सही कराएं दर्ज

जनगणना में पूरी गंभीरता से हिस्सा लेंः मौलाना खालिद रशीद- धर्म और भाषा की जानकारी सही-सही कराएं दर्ज

लखनऊ, 12 अप्रैल । इमाम ईदगाह लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली चेयरमैन इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक बयान में मुसलमानों को सलाह दी है कि वे जनगणना (Census) के काम में पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ हिस्सा लें। उन्होंने खास तौर पर जोर दिया कि जनगणना के फॉर्म में धर्म और मातृभाषा (Mother Tongue) के कॉलम को बहुत सावधानी और अहमियत के साथ भरें।

मौलाना फरंगी महली ने कहा कि आप सब को मालूम है कि देश में जनगणना का काम शुरू हो गया है। इसलिए आप सभी से गुजारिश है कि जब सरकारी कर्मचारी इस काम के लिए आपके पास आएं. तो धर्म के खाने में इस्लाम लिखवाएं। इसी तरह मातृभाषा के खाने में “उर्दू” लिखवायें।

उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम हैं। हमारे धर्म का नाम इस्लाम है, यह हमारी पहचान है। हमारी मातृभाषा उर्दू है। उर्दू हमारी तहजीब (संस्कृति), हमारी पहचान, हमारी विरासत और हमारी ताकत है। हमारी दौलत है।

मौलाना फरंगी महली ने कहा कि हमारे देश में इस्लाम को मानने वालों की बहुत बड़ी संख्या आबाद है। इसी तरह, देश के एक बड़े हिस्से की मातृभाषा उर्दू है। जब हम अपने धर्म और भाषा के सही आंकड़े दर्ज करवाएंगे, तभी सरकार के पास हमारी सही जानकारी पहुंचेगी। इसी जानकारी के आधार पर हमारे धर्म और हमारी जबान की हिफाजत और तरक्की के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि देश में धर्म और भाषा के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की गारंटी आपका सहयोग ही है। इसलिए एक जिम्मेदार नागरिक होने का सबूत दें, जनगणना में हिस्सा लें और देश व समाज की तरक्की में अपना योगदान सुनिश्चित करें।