स्मार्ट मीटर का बिजली कनेक्शन कटने पर अब दो घंटे के अंदर कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया जाएगा.एमडी रिया केजरीवाल

मंगलवार 31मार्च । लखनऊ में स्मार्ट मीटर का यूज करने को लेकर लोग कतरा रहे है क्योकी स्मार्ट मीटर की लाइट कटने के बाद आप अगर रिर्चाज करते है तो कभी 24 घण्टें तक लाईट नही आती है । लेकिन अब उपभेक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब अगर आपके स्मार्ट मीटर पर बिजली कनेक्शन कट जाता है, तो उपभोक्ता द्वारा बिजली बिल जमा करने के दो घंटे के अंदर कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया जाएगा। वहीं, बिजली बिल नेगेटिव में चला जाता है, तो उपभोक्ताओं को केवल 3 दिन का ही ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। इसके लिए यूपीपीसीएल का स्मार्ट ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप के माध्यम से सारी जानकारी मिलेगी। ये बातें मगंलवार को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की एमडी रिया केजरीवाल ने कहीं।
इसके अलावा उन्होंने स्मार्ट मीटर और वर्टिकल व्यवस्था में हो रहे कामों के बारे में बताया। स्मार्ट मीटर पर रीडिंग को लेकर आ रही समस्याओं पर उन्होंने कहा कि मध्यांचल की तरफ से 69 हजार चेक मीटर विभाग की तरफ से लगाया गया है,लेकिन एक भी मीटर में कोई डिफरेंस नहीं आया है।एमडी ने कहा कि स्मार्ट मीटर लोग तेजी से लगवा रहे हैं। इसमें कंज्यूमर की सुविधा के लिए कई फीचर्स हैं। समय के साथ में सभी चीजें बेहतर करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसमें ह्यूमन इंटरफेस कम हुआ है। इससे प्रभावी काम बढ़ा है।किसी भी कंज्यूमर को अब लाइन मैन नहीं खोजना है। यूपी पीसीएल का स्मार्ट ऐप डाउनलोड करना होगा। यहीं पर पूरी जानकारी मिलेगी। लोगों को नए नियम के बारे में जागरूक करने के लिए हम लोगों ने लाखों मैसेज करवाए हैं।हर दिन 100 लोगों की टीम फोन कर रही है। इसके साथ ही 1912 और बिजली विभाग के व्हाट्सअप चैट बोट से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इससे समस्या का निस्तारण होगा।ईएसएल के स्मार्ट मीटर में बिजली कनेक्शन कटने के बाद आ रही समस्या पर बात करते हुए एमडी ने माना कि बिजली कनेक्शन कटने के बाद में इसे जोड़ने में समस्या आती है। उन्होंने कहा कि मध्यांचल की तरफ से अभी तक 3,46,000 हैं। इसमें से 52 हजार शिकायत आने के बाद में चेंज कर दिया गया है। इसके साथ ही एमडी ने बताया कि इस बार ट्रिपिंग की तुलना में भी गिरावट है। इसमें पिछले सालों की तुलना है। ट्रिपिंग को जिस तरह से डील किया जाता है। उसमें बेहतर स्थिति है। मेंटेनेंस में लाइन और ट्रांसफार्मर पर फोकस किया है। पिछले तीन चार साल में हमने इसमें काम किया है। लखनऊ में प्रायोरिटी पर काम किया गया है।