21 मार्च को मनाई जा सकती है ईद-उल-फित्र : डॉ. कल्बे सिब्तैन नूरी

20 मार्च को दिख सकता है ईद का चांद, किसी मतभेद की स्थिति में चांद कमेटियों का फैसला होगा अंतिम

लखनऊ, 13 मार्च। प्रख्यात इस्लामी विद्वान डॉ. कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा है कि खगोलशास्त्र की गणना के अनुसार इस वर्ष ईद-उल-फित्र 21 मार्च 2026 (शनिवार) को पूरे देश में मनाए जाने की संभावना है। उनके अनुसार 20 मार्च (शुक्रवार) को देश के विभिन्न हिस्सों में ईद का चांद दिखाई दे सकता है, जिसके बाद अगले दिन ईद की नमाज अदा की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर साल की तरह इस बार भी यदि किसी प्रकार का विरोधाभास होता है तो चांद कमेटियों का फैसला ही अंतिम माना जाएगा। चांद कमेटियों के उलेमा से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि 29वें रमज़ान को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि एआई और सोशल मीडिया के दौर में किसी भी शहर में चांद दिखने की फोटो या वीडियो बनाकर उसे वायरल करना आसान हो गया है।
डॉ. नूरी ने बताया कि इस वर्ष शिया समुदाय अपने धार्मिक रहबर आयतुल्लाह अली खामेनई और अन्य बेगुनाह नागरिकों की शहादत के कारण ईद सादगी के साथ मनाएगा। समुदाय के लोग ईद की नमाज और जकात-उल-फित्र की अदायगी के अलावा किसी प्रकार की खुशियों से दूर रहेंगे।
उन्होंने बताया कि ईद से पहले संभावित तारीख की घोषणा करने की परंपरा पद्म भूषण से सम्मानित मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने वर्ष 1996 में शुरू की थी, जो उनके इंतकाल के बाद भी जारी है।