
(सत्ता की शान)
शूक्रवार 0 3 जुलाइ्र्र। लखनऊ.तेहरान। ईरान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत से गए विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ आल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव एवं प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास तेहरान पहुंचे। उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल और उलेमा-ए-किराम के साथ मुसल्ला-ए-इमाम खुमैनी पहुंचकर ईरान के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया तथा उनके लिए सूरह-ए-फातिहा पढ़कर इसाले सवाब किया।

प्रतिनिधिमंडल ने शहीदों की याद में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में हिस्सा लिया और उनके बलिदान को याद करते हुए विशेष दुआएं कीं। इस अवसर पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियां पूरी इंसानियत के लिए मिसाल हैं। उनके त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने विश्व में अमन, इंसाफ, भाईचारे और मानवता की रक्षा के लिए भी दुआ की। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि आज पूरी दुनिया को नफरत, हिंसा और युद्ध की बजाय शांति, आपसी सम्मान और इंसानी मूल्यों को अपनाने की जरूरत है। शहीदों की कुर्बानियां हमें यह संदेश देती हैं कि सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए हर दौर में संघर्ष करना पड़ता है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न देशों से आए उलेमा, धार्मिक विद्वानों और प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। सभी ने ईरान के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके लिए मगफिरत और बुलंद दरजात की दुआ की। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में गम और अकीदत का माहौल दिखाई दिया।भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी को भारत और ईरान के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में भारत की दुआएं और संवेदनाएं ईरान की जनता के साथ हैं।
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने तेहरान में शहीदों को पेश की श्रद्धानजली-पढ़ी सूरह-ए-फातिहा
