KGMU में करोड़ों की दवा घोटाले का खुलासा, चार कर्मचारियों पर FIR की तैयारी

लखनऊ। King George’s Medical University (KGMU) में फर्जी मरीजों के नाम पर करोड़ों रुपये की दवाओं के घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जांच समिति ने असाध्य योजना में गड़बड़ी कर महंगी दवाओं की हेराफेरी करने के आरोप में चार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की है। जानकारी के अनुसार, कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं असाध्य योजना के तहत खरीदी गईं, लेकिन आरोप है कि फर्जी मरीजों के नाम पर दवाएं निकालकर उन्हें बाजार में खपा दिया गया। हालांकि, दवाएं कहां और किस माध्यम से बेची गईं, इसकी जांच अभी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को तीन संविदाकर्मी और एक नियमित फार्मासिस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष KGMU के यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत पंजीकृत मरीजों के लिए डॉक्टरों की सलाह पर हर महीने करीब 10 लाख रुपये की दवाएं खरीदी जाती थीं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा सके। मामले के खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।