विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका: ए.के. शर्मा
ORF की बैठक में वर्चुअल शामिल हुए ऊर्जा मंत्री, स्वच्छ ऊर्जा और सस्ती बिजली पर दिया जोर
लखनऊ, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करने तथा आम नागरिकों को विश्वसनीय और किफायती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ए.के. शर्मा मंगलवार को ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से ‘Powering Viksit Bharat 2047: Subnational Pathways for India’s Energy Transition’ विषय पर आयोजित बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, किफायती विद्युत आपूर्ति, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
सौर ऊर्जा के विस्तार पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना, आधुनिक तकनीक अपनाना और विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाना आवश्यक है। ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर प्रदेश में एक सक्षम एवं आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आम लोगों को भरोसेमंद और किफायती बिजली मिलती रहे। इसके लिए बिजली ग्रिड का आधुनिकीकरण, वितरण व्यवस्था में सुधार और नई तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण है।
राज्यों के समन्वय से ऊर्जा संक्रमण को मिलेगी गति
शर्मा ने कहा कि ऊर्जा संक्रमण को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों के बीच समन्वय, अनुभवों का आदान-प्रदान और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करना जरूरी है। राज्यों की परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाकर स्वच्छ ऊर्जा के विकास को गति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ, सतत एवं किफायती ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए भविष्य की जरूरतों को पूरा करना और विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में प्रभावी योगदान देना है।
