आयुर्वेद दिवस पर लखनऊ में गूंजी जागरूकता की आवाज
1090 चौराहे से जनेश्वर मिश्र पार्क तक निकली बाइक रैली, डिप्टी सीएम ने दिखाई हरी झंडी
लखनऊ। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में बुधवार को आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाइक रैली का आयोजन किया गया। 1090 चौराहे से शुरू हुई रैली को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली जनेश्वर मिश्र पार्क तक पहुंची। कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र सहित आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे रैली से पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूजा-पाठ और आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आयुर्वेद को भारत की सदियों पुरानी चिकित्सा परंपरा बताया।
घर-घर पहुंचे आयुर्वेद की जानकारी
डिप्टी सीएम ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और एलोपैथी के बारे में लोगों को सही जानकारी होना जरूरी है। अलग-अलग बीमारियों में चिकित्सा पद्धतियों की भूमिका को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने आयुर्वेद की जानकारी गांवों और घर-घर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। बाइक रैली के माध्यम से प्रदेशवासियों को आयुर्वेद को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया।
पारंपरिक खान-पान अपनाने की अपील
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इलाज में जल्द परिणाम चाहते हैं, जिसके कारण आयुर्वेद जैसी पारंपरिक पद्धतियां पीछे छूट गई हैं। उन्होंने लोगों से अपने खान-पान और घरेलू जीवन में मौजूद पारंपरिक चीजों के औषधीय महत्व को समझने की अपील की।
उन्होंने हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी और जीरा जैसे मसालों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय घरों में इनका इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। उन्होंने फास्ट फूड के बजाय पारंपरिक भोजन और सत्तू जैसे पौष्टिक विकल्पों को अपनाने की बात कही।
रैली के जरिए आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

