(सत्ता की शान)
लखनऊ, 01 अगस्र्त। अय्याम-ए-अजा और चेहल्लुम से पूर्व राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक रूमी गेट हुसैनाबाद अजादारी मार्ग पर कथित रूप से देर रात आतिशबाजी किए जाने को लेकर आल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत की गरिमा के विपरीत बताते हुए हुसैनाबाद ट्रस्ट तथा पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मौलाना यासूब अब्बास ने जारी बयान में कहा कि इन दिनों अय्याम-ए-अजा चल रहे हैं और चेहल्लुम भी निकट है। ऐसे संवेदनशील धार्मिक माहौल में रूमी गेट से हुसैनाबाद तक अजादारी मार्ग पर देर रात आतिशबाजी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।

उनका कहना है कि यह मार्ग शिया समुदाय की धार्मिक परंपराओं और अजादारी का प्रमुख केंद्र है, जहां देश-विदेश से अकीदतमंद पहुंचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैनाबाद ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनके अनुसार संबंधित अधिकारियों की कथित गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली के कारण ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा जैसे पवित्र स्थलों का तकद्दुस (पवित्रता और सम्मान) प्रभावित हो रहा है। मौलाना यासूब अब्बास ने हैदरी टास्क फोर्स, विभिन्न कौमी इदारों और अंजुमन-हाय-ए-मातमी से इस मुद्दे पर आवाज बुलंद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों को एकजुट होकर अपनी कौमी और मजहबी विरासत की सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए, ताकि अजादारी की परंपरा, पवित्र स्थलों की गरिमा और धार्मिक वातावरण को अक्षुण्ण रखा जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि अजादारी मार्ग और हुसैनाबाद क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
अजादारी मार्ग पर हुई आतिशबाजी को लेकर मौलाना यासूब अब्बास ने उठाए सवाल.हुसैनाबाद ट्रस्ट और प्रशासन की भूमिका पर जताई नाराजगी
