लखनऊ, संवाददाता। छात्रसंघ चुनाव की बहाली, विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि वापस लेने तथा छात्र-युवा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पहुंचे छात्र कार्यकर्ता दोपहर करीब दो बजे 1090 चैराहे पर एकत्र हुए और पार्टी के झंडे, बैनर तथा सांकेतिक फांसी का फंदा लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने 1090 चैराहे पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान पुलिस और छात्र कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू किया तो कई कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए बसों की छत पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने सभी को नीचे उतारकर बसों में बैठाया और उन्हें ईको गार्डन ले जाकर छोड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान सपा के प्रदेश सचिव जय सिंह को भी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

वहीं समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने कहा कि प्रदेशभर से छात्र कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर राजधानी पहुंचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई और छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल नहीं किए गए तो प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बस्ती से आए एक कार्यकर्ता ने अपने सीने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का टैटू दिखाते हुए उन्हें ष्कलियुग के कन्हैयाष् बताया। पूरे घटनाक्रम के दौरान 1090 चैराहे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
