नेतन्याहू के ‘140 करोड़ भारतीयों के समर्थन’ वाले बयान पर मौलाना यासूब अब्बास की कड़ी प्रतिक्रिया।

लखनऊ, 9 जुलाई। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा भारत की 140 करोड़ जनता को अपना समर्थक बताए जाने संबंधी हालिया टिप्पणी पर हिन्दुस्तान के वरिष्ठ शिया मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हाल के दिनों में नेतन्याहू ने भारत से व्यापक जनसमर्थन मिलने का दावा किया था, जिस पर देश में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह नेतन्याहू की गलतफहमी है कि भारत की 140 करोड़ जनता उनका समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि भारत की हक़पसंद अवाम कभी किसी ज़ालिम का साथ नहीं दे सकती, क्योंकि इस देश के लोगों के दिलों में इंसानियत बसती है।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर हजारों मासूम बच्चों, महिलाओं और बेगुनाहों के कत्लेआम का दाग़ लगा हो, उसका समर्थन भारत की जनता नहीं कर सकती। मौलाना ने कहा कि भारत की संस्कृति न्याय, करुणा और मानवता की पक्षधर रही है और यहां के लोग हर तरह के अत्याचार का विरोध करते हैं।
मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि “नेतन्याहू का समर्थन करना शैतान का समर्थन करने जैसा है। भारत में बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया जाता है, इसलिए यहां की जनता किसी भी अत्याचारी का समर्थन नहीं कर सकती।”उन्होंने कहा कि भारत की जनता हमेशा मज़लूमों और पीड़ितों के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी इंसानियत, अमन और न्याय के पक्ष में अपनी आवाज़ बुलंद करती रहेगी।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि भारत की हक़ पसंद अवाम ईरान और रहबरे मोअज्जम आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई के साथ है जो हक़ और मज़लूमों की हिफ़ाज़त के लिए अपनी कुर्बानीयां पेश कर रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च लीडर शहीद आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई ने अपनी और अपने परिवार की अज़ीम कुर्बानीयां पेश करके ये साबित कर दिया की हम ज़ुल्म के ख़िलाफ़ लड़ाई में शहादत तो दे सकते हैं मगर ज़ालिम के आगे घुटने नहीं टेक सकते। आज पूरी दुनिया ने देखा की 100 से ज़्यादा मुल्कों के सरबरां और नुमाइंदों ने आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई की तशी ए जनाज़ा (अंतिम संस्कार) में शिरकत करके उनको खिराजे अक़ीदत (श्रद्धांजलि) पेश की और करोड़ों की संख्या में लोग उनकी नमाज़े जनाज़ा में शामिल हुए जिसने अमेरिका और इस्राइल की बेचैनियां बढ़ा दी।

जारीकर्ता
प्रेस सचिव।