मुहर्रम के मद्देनज़र सुरक्षा एवं बेहतर व्यवस्थाओं की मांग, आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री को भेजा पत्र।

मुहर्रम के मद्देनज़र सुरक्षा एवं बेहतर व्यवस्थाओं की मांग, आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री को भेजा पत्र।

लखनऊ, 14 जून। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेंहदी और महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर आगामी मुहर्रम के अवसर पर देशभर में सुरक्षा एवं बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने परिवार और 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में इंसानियत, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी याद में भारत सहित दुनिया भर में विभिन्न धर्मों के लोग मुहर्रम के अवसर पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। बोर्ड ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि इस वर्ष 17 जून 2026 से मुहर्रम का आगाज़ हो रहा है। देशभर में शिया मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के लोग बड़ी संख्या में जुलूस एवं ताज़िये निकालते हैं। ऐसे में सभी कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण एवं सकुशल आयोजन के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकारों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की अपील की गई है।

पत्र में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि मुहर्रम के जुलूसों को निर्धारित पारंपरिक मार्गों से निकालने की व्यवस्था की जाए तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार के अराजक तत्व कानून-व्यवस्था को प्रभावित न कर सकें।इसके अतिरिक्त, भीषण गर्मी को देखते हुए जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, पानी के छिड़काव तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही ऊंचे ताज़ियों के आवागमन के दौरान बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया गया। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने पत्र में विशेष रूप से लखनऊ समेत देशभर में आयोजित होने वाली मजलिसों और मातमी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों एवं नौजवानों की सुरक्षा तथा सुचारु आवागमन के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की है। मौलाना साएम मेंहदी और मौलाना यासूब अब्बास ने आशा व्यक्त की है कि केंद्र एवं राज्य सरकारें मुहर्रम में सभी धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगी।