बीजेपी कार्यालय में घुसे 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी, आरक्षण को लेकर प्रदर्शन
जमीन पर लेटकर लगाए नारे, पुलिस से धक्का-मुक्की; सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया
लखनऊ, 24 सितंबर 2026। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को लखनऊ स्थित बीजेपी कार्यालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए और सिर पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपी पहनकर सीटी बजाते हुए नारेबाजी करने लगे। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की और इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी की गई। बस्ती से प्रदर्शन में पहुंचे उत्कर्ष ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
2018 की भर्ती में आरक्षण का लाभ देने की मांग
अभ्यर्थी वर्ष 2018 में हुई 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ देने और 5 प्रतिशत छूट के आधार पर संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीजेपी कार्यालय से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल रहे।
8 साल से नौकरी की उम्मीद में अभ्यर्थी
सीतापुर से आए अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि वे पिछले करीब आठ साल से नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने आयोगों के आदेशों का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग की।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकली थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5 प्रतिशत की छूट का प्रावधान बताया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया।
40 प्रतिशत अंक पर संशोधित परिणाम की मांग
अभ्यर्थियों की मांग है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 5 प्रतिशत छूट के आधार पर 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक को पासिंग मानक मानते हुए परिणाम संशोधित किया जाए और नई चयन सूची जारी की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 से वे भर्ती प्रक्रिया में संशोधन और नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आयोगों के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई कर मामले का समाधान किया जाए।

