ईरान के प्रस्ताव को ट्रम्प ने ठुकराया, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

ईरान के प्रस्ताव को ट्रम्प ने ठुकराया, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
वॉशिंगटन/तेहरान। Donald Trump ने ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा, लेकिन यह उन्हें स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, Iran ने रविवार को पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा था। इसमें युद्ध समाप्त करने, फारस की खाड़ी और Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रतिबंध हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता की पेशकश की गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह ईरान को 14 सूत्रीय प्रस्ताव दिया था। इसमें ईरान से कम से कम 12 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने और अपने पास मौजूद लगभग 440 किलो 60 प्रतिशत एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने की शर्त रखी गई थी। बदले में अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने, फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्तियां जारी करने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने को तैयार था।
हालांकि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर पूरी तरह समझौता करने से इनकार कर दिया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका जवाब सकारात्मक और व्यावहारिक है तथा अब निर्णय अमेरिका को लेना है।
तनाव बढ़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। होर्मुज संकट के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
इस बीच Israel ने दक्षिणी Lebanon में हमले तेज कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इन हमलों में 39 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2 मार्च से अब तक 103 मेडिकल कर्मियों की जान जा चुकी है। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि इजराइल गाजा जैसी रणनीति अपना रहा है।
होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। अमेरिका का दावा है कि नाकेबंदी के बाद 65 जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। वहीं कतर, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के जहाजों पर हमले और रुकावट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, फ्रांस या ब्रिटेन ने होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य दखल बढ़ाया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। साथ ही ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन करने वाले देशों को भी चेतावनी दी है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। United Arab Emirates और Kuwait में ड्रोन अलर्ट जारी किए गए हैं। कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जबकि यूएई ने दो ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर सोने के बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड 0.6 प्रतिशत गिरकर 4,684 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 4,692 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी और युद्ध की आशंकाओं के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है।