आप पार्टी को लगा झटका कुंवर विजय प्रताप समेत तीन नेताओं ने थामा भाजपा का दामन,सौरभ भारद्वाज ने साधा निशाना दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज
सत्ता की शान
सोमवार 2 नवम्बर। चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी से नाराज चल रहे तीन विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी और अमृतसर नार्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह के अलावा हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा शामिल हैं। तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में तीनों नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम से पहले कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है। तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास पंजाब में अपना मजबूत संगठन और पर्याप्त चुनावी चेहरे नहीं हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा दूसरे दलों से ऐसे नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है, जिन्हें वहां से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। भारद्वाज ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन नेताओं के प्रदर्शन और राजनीतिक छवि को लेकर पार्टी के भीतर अच्छी राय नहीं है, उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो इन नेताओं को चुनाव मैदान में उतार सकती है, लेकिन आम आदमी पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार नहीं बनाएगी। उधर, भाजपा ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक अनुभव से पंजाब में पार्टी को विस्तार देने में मदद मिलेगी। पार्टी ने इसे राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।भाजपा में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पंजाब में शांति और समृद्धि स्थापित करने की क्षमता भाजपा में है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के तीन नेताओं का भाजपा में जाना दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। भाजपा इसे अपने विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है, जबकि आम आदमी पार्टी अपने नेताओं के फैसले पर सवाल उठा रही है। अब देखना होगा कि इन तीन नेताओं के पार्टी बदलने का आगामी चुनाव में कितना असर पड़ता है और भाजपा पंजाब में इस नए राजनीतिक समीकरण को किस तरह भुनाती है।
