मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान से मुलाकात, भारत-ईरान रिश्तों को मजबूत करने पर जोर*

*मौलाना यासूब अब्बास की ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान से मुलाकात, भारत-ईरान रिश्तों को मजबूत करने पर जोर*

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात की। उन्होंने भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

मुलाकात के दौरान मौलाना अब्बास ने भारत के शिया समुदाय की ओर से राष्ट्रपति पेज़ेशकियान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों की जनता के बीच दोस्ती और आपसी समझ को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। मौलाना यासूब अब्बास ने ईरानी राष्ट्रपति को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया और ईरान पर हुए हमलों की निंदा की गई।

*भारत-ईरान रिश्तों को नई ऊंचाई देने पर जोर*

मौलाना अब्बास ने कहा कि भारत और ईरान दो प्राचीन सभ्यताएं हैं और दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और व्यापारिक संबंध हैं। उन्होंने शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक, कनेक्टिविटी और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।

उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति पेज़ेशकियान के नेतृत्व में भारत-ईरान संबंध एक नए और मजबूत दौर में प्रवेश करेंगे।

*पश्चिम एशिया में शांति की अपील*

मौलाना यासूब अब्बास ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता जताई और संघर्ष को जल्द खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के जरिए ही क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता लाई जा सकती है।

उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई की शहादत पर भी शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही मीनाब के शजरेह तैयेबेह एलीमेंट्री स्कूल पर हुए हमले में मासूम बच्चों, शिक्षकों और आम नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया।

उन्होंने कहा कि निर्दोष बच्चों की हत्या ऐसी त्रासदी है, जिसने पूरी मानवता की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।

*आतंकवाद और हिंसा की कड़ी निंदा*

मौलाना यासूब अब्बास ने आतंकवाद, उग्रवाद और हर तरह की हिंसा की निंदा की। उन्होंने ईरान पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत के लोग, खासकर शिया समुदाय, शांति, बातचीत, मानवता और न्याय के पक्ष में खड़ा है।

उन्होंने ईरान की शांति, प्रगति और पुनर्निर्माण के लिए प्रार्थना की और उम्मीद जताई कि भारत और ईरान की ऐतिहासिक दोस्ती आने वाले समय में और मजबूत होगी।

*जारीकर्ता:*
मौलाना यासूब अब्बास का कार्यालय