ईरान युद्ध पर ट्रम्प-नेतन्याहू में मतभेद, रूस ने कूटनीतिक समाधान पर दिया जोर
wednesday 21 may वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान पर आगे की रणनीति को लेकर अलग-अलग राय उभर रही है। नेतन्याहू जहां ईरान पर सैन्य कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में हैं, वहीं ट्रम्प फिलहाल बातचीत और समझौते को मौका देने के संकेत दे रहे हैं। हाल में दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान पर प्रस्तावित हमलों और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ईरान पर नए टारगेटेड हमलों की तैयारी कर रहा था, जिसे ‘ऑपरेशन स्लेजहैमर’ नाम दिया गया था। हालांकि बाद में ट्रम्प प्रशासन ने इन हमलों को फिलहाल रोकने का फैसला लिया। माना जा रहा है कि खाड़ी देशों की अपील और संभावित कूटनीतिक समाधान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। इस बीच अमेरिकी राजनीति में भी ईरान युद्ध को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी संसद में ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने और ईरान के खिलाफ लंबे सैन्य अभियान पर नियंत्रण की मांग उठी है। प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी चर्चा जारी है। उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बरकरार है। ईरान की ओर से जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण और सुरक्षा दावों के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति तथा व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात और बिगड़े तो वैश्विक महंगाई और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच रूस ने ईरान संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने की वकालत की है। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि ईरान संकट का समाधान सैन्य दबाव नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से संभव है। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में तेहरान के हितों का सम्मान किया जाना चाहिए और रूस ऐसे किसी समझौते को लागू कराने में सहयोग देने को तैयार है।
