नमाज से पहले इफ्तार किया जा सकता है, लेकिन अव्वले वक्त पर नमाज अदा करना बेहतर है।मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी

2 रमजान 3-मार्च 2025 कार्यालय आयतुल्लाह अल उजमा सैयद सादिक हुसैनी शीराजी से जारी शिया हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
शिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12 बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलःपर संपर्क करें।
सवाल-अगर किसी मस्जिद में मोमेनीन इस बात पर सहमत हों कि पहले इफ्तार करें फिर नमाज अदा करें तो क्या हुक्म है?
जवाब-नमाज से पहले इफ्तार किया जा सकता है, लेकिन अव्वले वक्त पर नमाज अदा करना बेहतर है।
सवाल-कोई इंसान अगर रमजान के इफ्तार और खाने के पैसे नहीं रखता है और किसी से मांगता भी नहीं है बल्कि वह अपना खून बेच देता है तो ऐसी स्थिति में रोजे का क्या हुक्म होगा?
जवाब-कोई भी ऐसा कार्य जिसमें कमजोरी हो वह मकरूह है। लेकिन रोजा सही होगा।
सवाल-अगर रोजेदार डकार ले और कोई चीज उसके मुंह में आ जाए और वह उसे जानबूझकर निगल ले तो उसका रोजा कैसा है?
जवाब- एहतेयात वाजिब के आधार पर उसका रोजा टूट जाएगा।
सवाल-अगर कोई व्यक्ति, उदाहरण के लिए, रमजान के पहले रोजे की नीयत करे, लेकिन बाद में याद आए कि आज दूसरा रोजा है, तो उस रोजे का क्या हुक्म है?
जवाब-उसका रोजा सही है।
सवाल-अगर पैसे पर खुम्स दिया जाएगा तो फिर जकात किन चीजों पर अदा की जाएगी?
जवाब-निम्नलिखित चीजों पर जकात अदा की जाएगी।
1- गेहूं, 2- जौ, 3- खजूर, 4- किशमिश, 5- सोना, 6- चांदी, 7- ऊंट, 8- गाय, 9- भेड़-बकरी, 10- एहतेयाते लाजिम के आधार पर माले तेजारत।